मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस सिपाही पंकज यादव से संबंधित भ्रष्टाचार और लोकायुक्त की कार्रवाई का विवरण देती है।मामले का विवरण:
आरोपी: सिपाही पंकज यादव, कोतवाली थाना, टीकमगढ़।
आरोप: लोगों पर फर्जी SC/ST एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कराना और फिर थाने से ही जमानत दिलाने के एवज में मोटी रिश्वत की मांग करना।
शिकायतकर्ता: एक पीड़ित द्वारा सागर लोकायुक्त को सूचना दी गई।
लोकायुक्त की कार्रवाई और घटनाक्रम:
जाल बिछाना: सागर लोकायुक्त की 6 सदस्यीय टीम ने सिपाही पंकज यादव को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
रंगे हाथ पकड़ना: आरोपी सिपाही अपनी निजी कार से रिश्वत लेने पहुंचा। जैसे ही पीड़ित ने उसे पैसे दिए, लोकायुक्त टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
आरोपी का पलायन: सिपाही को कार से बाहर निकालते ही उसने अपनी जैकेट उतारी और भागना शुरू कर दिया। लोकायुक्त टीम ने लगभग 2 किलोमीटर तक उसका पीछा किया।
भागने का तरीका: भागते समय पंकज यादव एक गंदे नाले में कूद गया और नाले के रास्ते ही जंगल की ओर फरार हो गया।
वर्तमान स्थिति और आगे की कार्यवाही:
मुकदमा: लोकायुक्त की टीम ने सिपाही पंकज यादव और थाना प्रभारी बृजेंद्र चचौदिया दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रिपोर्ट: मामले की पूरी रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए डीजीपी कैलाश मकवाना को भेज दी गई है।
परिणाम: अब आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई डीजीपी महोदय द्वारा की जाएगी।
यह घटना पुलिस प्रशासन में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक गंभीर कार्रवाई को दर्शाती है, भले ही आरोपी मौके से भागने में सफल रहा हो।
Post a Comment