महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर की कुलगुरु (Vice-Chancellor) प्रो. शुभा तिवारी को मां सीता पर दिए गए एक विवादित बयान के कारण उनके पद से हटा दिया गया है। यह टिप्पणी ओरछा में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सामने आई थी।
जनता और हिंदू संगठनों का विरोध
इस विवादित बयान के सामने आने के बाद छतरपुर जिलेभर में व्यापक रोष फैल गया था। सर्व हिंदू समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस टिप्पणी को धार्मिक आस्था पर आघात मानते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शनों और ज्ञापन सौंपने के माध्यम से संगठनों ने लगातार प्रो. तिवारी को तत्काल पद से हटाने की मांग की थी, जिसके कारण उन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
शासन का सख्त रुख
जनभावनाओं और बढ़ते विरोध को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया। शासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था और जनभावनाओं पर सवाल उठाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में, प्रो. शुभा तिवारी को तत्काल प्रभाव से कुलगुरु पद से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। सरकार के इस निर्णय को धार्मिक संवेदनशीलता के उल्लंघन पर 'पद लागत' (पद गंवाना) के रूप में देखा जा रहा है।
वर्तमान स्थिति
सरकार के इस त्वरित और निर्णायक कदम के बाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इस बयानबाजी और इसके परिणामस्वरूप हुई कार्रवाई को लेकर स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा लगातार बनी हुई है।

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