पिनकॉन ग्रुप के 31 डायरेक्टर्स परएफआईआर दर्ज - करोड़ों की ठगी का मामला

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छतरपुर।छतरपुर  शहर के सिविल लाइन थाने में रविवार को कोलकाता स्थित चिटफंड कंपनी 'पिनकॉन ग्रुप' के प्रमुख मनोरंजन राय सहित 31 डायरेक्टर्स के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई तत्कालीन कलेक्टर द्वारा दो साल पहले दिए गए आदेशों के अनुपालन में की गई है।

कानूनी धाराएं

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • भारतीय दंड संहिता (IPC): धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (अमानत में खयानत), 409 (लोक सेवक/बैंकर द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र)।

  • विशेष अधिनियम: मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2000 की धारा 6(1)।

घोटाले का विवरण

  • कुल ठगी: लगभग 4.83 करोड़ रुपये।

  • प्रभावित निवेशक: छतरपुर जिले के 669 निवेशक।

  • मोडस ऑपरेंडी (तरीका): निवेशकों को एफडी (FD), आरडी (RD) और एमआईएस (MIS) में अधिक ब्याज का लालच दिया गया। अप्रैल 2018 में कंपनी अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गई थी।

शामिल अन्य कंपनियां: पिनकॉन ग्रुप ने इन 5 कंपनियों के माध्यम से पैसे जुटाए थे:

  1. अस्क फाइनेंशियल सर्विस

  2. एलआरएन फाइनेंस

  3. एलआरएन यूनिवर्स प्रोड्यूसर

  4. ग्रीन एज

  5. उत्कल मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी

बैतूल लैंड स्कैम कनेक्शन

इस मामले के तार बैतूल जिले से भी जुड़े हैं।

  • जमीन: डेहरगांव स्थित 5.35 एकड़ भूमि।

  • फर्जीवाड़ा: कंपनी के डायरेक्टर्स के जेल में होने के बावजूद, सिद्धार्थ राय और अमल शाह के माध्यम से बैक डेट में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।

  • रजिस्ट्री: 11 मार्च 2019 को एस स्क्वायर इंफ्रा जॉन लिमिटेड (कानपुर) के डायरेक्टर सौरभ सिंह भदौरिया के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।

  • वर्तमान स्थिति: न्यायालय ने इस जमीन के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है।

प्रशासनिक कार्रवाई और देरी

  • आदेश: छतरपुर कलेक्टर ने 5 दिसंबर 2023 (दो साल पहले) को आदेश जारी किए थे।

  • निर्देश: * ब्याज सहित 5.91 करोड़ रुपये की वसूली।

    • बैतूल स्थित संपत्ति की कुर्की।

    • कंपनी के 9 बैंक खाते फ्रीज करना।

    • एफआईआर दर्ज करना।

  • वर्तमान स्थिति: यह घोटाला अब चार जिलों (बैतूल, छतरपुर, सागर, और नर्मदापुरम) तक फैल चुका है। सागर और नर्मदापुरम में भी केस दर्ज करने की तैयारी है।

आधिकारिक बयान

सतीश सिंह (थाना प्रभारी, सिविल लाइन):

"दो वर्ष पूर्व तत्कालीन कलेक्टर के द्वारा जारी किए गए आदेशों के पालन में एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि मेरे संज्ञान में मामला अभी आया है। अभी इस मामले में और भी एफआईआर की जाएगी।"

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